garibo ka aasraa
घनी चिलचिलाती धुप मे आज मैंने देखा की एक इंसान जिसके हाथो मे ड्रिप चढ़ी
हुई थी....पसीना छु रहा था...नंग धडंग बदन था कमर पर एक पट्टेदार चड्डी
अलबत्ता अवश्य थी.... अस्पताल के बाहर एक पान वाले से चिरौरी कर रहा था की
मुझे एक बीडी पिला दो पैसे नहीं है मेरे पास.....उसकी ड्रिप की नलिका मे
खून उतर आया था ....पूछने पर पता चला की वह जिला अस्पताल मे भर्ती है और
उसके साथ कोई नहीं है....बीडी पिने की तमन्ना हुई तो बाहर चला आया....मैंने
उससे पूछा की भैया जब इतने बीमार हो तो अस्पताल से बाहर क्यों आ गए...किसी
ने रोका नहीं तुम्हे...तो कहने लगा की मैं बस ऐसे ही कुछ बोलकर निकल आया
की बाहर कुछ काम है ....जब मैंने उससे पूछा की तुम्हारे पास बीडी पिने के
पैसे नहीं है तो इलाज का खर्च कौन उठा रहा है...ये ड्रिप के पैसे कहा से
आये...उसने जो मुझे बताया वह वैसा का वैसा ही यहाँ ड़ाल रहा हु....
" बांसवाडा का रहने वाला हु और यहाँ मजूरी करता हु...बीमार पड़ा तो सरकारी दवाखाने दिखाने आया उन लोगो ने भरती कर लिया...सारी दवा अस्पताल से मिल जाती है..ड्रिप भी उन्ही लोगो ने लगाया ...२ दिन से भरती हु....खाने को अस्पताल से मिल जाता है....कोई मुख्यमंत्रीजी ने मुफ्त मे दवाई देने की योजना चलाई है उसमे फ्री मे दवा मिल जाती है...वरना हम गरीब आदमी कहा से महंगा इलाज कराये...."
सही भी है की गरीब आदमी कहा से इलाज कराएगा जब उसके पास खाने को भी नहीं है..बीडी भी उसके लिए लक्जरी है....ऐसे मे निशुल्क दवा योजना उनके लिए वरदान है...मेडिकल लाबी इस योजना के विरोध मे है और कहती है की खर्च कहा से चलोगे...दवाए उपयोगी नहीं है..लेकिन ऐसा नहीं है क्योकि इस योजना से गरीबो का फायदा जरुर है लेकिन इससे उनका मुनाफा कम होता है...डाक्टरों को मुफ्त के तोहफे मिलना कम हो गए है और उन्हें इससे परेशानी हो रही है....लेकिन वो लोग गरीबो की नहीं सोचते ....अगर कुल बजट का कुछ हिस्सा इस तरह खर्च किया जाए तो ये लोगो के लिए वरदान ही है...राजस्स्थान मे जिस तरह से यह योजना उपयोगी है उसी तरह इसको पुरे देश मे लागू करने की आवश्यकता है... साथ ही साथ यह भी आवश्यकता है की जरुरी जांचे मुफ्त मे की जाए..इससे जनता का इलाज का खर्च कम होगा और सुराज की और कदम बढेगा....
" बांसवाडा का रहने वाला हु और यहाँ मजूरी करता हु...बीमार पड़ा तो सरकारी दवाखाने दिखाने आया उन लोगो ने भरती कर लिया...सारी दवा अस्पताल से मिल जाती है..ड्रिप भी उन्ही लोगो ने लगाया ...२ दिन से भरती हु....खाने को अस्पताल से मिल जाता है....कोई मुख्यमंत्रीजी ने मुफ्त मे दवाई देने की योजना चलाई है उसमे फ्री मे दवा मिल जाती है...वरना हम गरीब आदमी कहा से महंगा इलाज कराये...."
सही भी है की गरीब आदमी कहा से इलाज कराएगा जब उसके पास खाने को भी नहीं है..बीडी भी उसके लिए लक्जरी है....ऐसे मे निशुल्क दवा योजना उनके लिए वरदान है...मेडिकल लाबी इस योजना के विरोध मे है और कहती है की खर्च कहा से चलोगे...दवाए उपयोगी नहीं है..लेकिन ऐसा नहीं है क्योकि इस योजना से गरीबो का फायदा जरुर है लेकिन इससे उनका मुनाफा कम होता है...डाक्टरों को मुफ्त के तोहफे मिलना कम हो गए है और उन्हें इससे परेशानी हो रही है....लेकिन वो लोग गरीबो की नहीं सोचते ....अगर कुल बजट का कुछ हिस्सा इस तरह खर्च किया जाए तो ये लोगो के लिए वरदान ही है...राजस्स्थान मे जिस तरह से यह योजना उपयोगी है उसी तरह इसको पुरे देश मे लागू करने की आवश्यकता है... साथ ही साथ यह भी आवश्यकता है की जरुरी जांचे मुफ्त मे की जाए..इससे जनता का इलाज का खर्च कम होगा और सुराज की और कदम बढेगा....
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