पद्मश्री
बॉलीवुड मे मशहूर है की जो अवार्ड दिए जाते है वो सपोंसर्ड होते है यानि की अगर मेरा सिक्का चलता हो तो कांती शाह टाइप फ़िल्म को भी सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का अवार्ड मिल सकता है। अब सरकार भी सरकारी उच्चसम्मानों का मजाक बनानेपर उतर आई है।
इस वर्ष दो बड़ी ही सम्मान निय हस्तियों को पद्म अवार्ड दिए है जिन्होंने भारत का सम्मान बढाने के बड़े ही उचे उचे काम किए है.एक हस्ती है श्रीमती ऐश्वर्या रायबच्चन जिन्होंने भारत की अगली मदर टेरेसा बनने के वादे करने के बाद फिल्मो मे काफी कमर मटकाई। देश को नचाने का कामकिया। ये किससे शादी करेगी और किसका दिल तोडेगी इस विषय पर अखबारों पत्रिकाओ के टनों पन्ने काले हुए और प्राइम टाइम पर देश की जनता काबहुत समय जाया हुआ। इन्होने बहुत सी लड़कियों की जिंदगी सपने दिखाने मे बर्बाद की और कई कंपनियों की बिक्री बढाई। कभी कहती ये साबुन आपकी त्वचा को चम्कायेगा कभी कहती ये क्रीम लगाओ जिंदगी बदल जायेगी । पर न तो त्वचा निखरी न जिंदगी बदली, लड़कियों को काम्प्लेक्स जरुर दे दिया।
दुसरे महान पद्म श्री है श्रीमंत अक्षय कुमार जो फूहड़ फिल्मो मे काम करते करते पद्मश्री हो गए। पता नही क्या महान कामकिया है ?इनकी फिल्मो के गानों की बानगी देखिये - भरो ................................मांग मेरी भरो या फ़िर भूतनी के .............. पद्म सम्मान मिलने के बाद जश्न के तौर पर इन्होने भरी सभा मे अपनी पेंट की जिप खुलवा ली । पता नही भारत रत्न मिलने के बाद ये इंडिया गेट पर जाकर नंगे न हो जाए।
पता नही इन्होने देश का क्या भला किया या देश को क्या दिया? पर हमारी सरकार इन नचैयो / भांडो को पद्म सम्मान देकर इन बेशकीमती सम्मानों का मान घटा रही है।
really , india lacks good role model,now a days people who are loaded with money are role models. now awards can also be purchased, no doubt they might have spend loads of money to get these prestegious awards to be in limelight. lets hope akshay will not pull down his jeans in next fashion week.
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